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पीपलकोटी THDC टनल हादसा: 7 मजदूरों की मौत, कई घायल, लापता मजदूरों की तलाश जारी

चमोली जिले के पीपलकोटी THDC टनल हादसे में सात मजदूरों की मौत हो गई। कई मजदूर घायल अवस्था में है और लापता मजदूरों की तलाश जारी।

उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी के मायापुर क्षेत्र में गुरुवार, 13 अगस्त की शाम निर्माणाधीन THDC टनल में मलबा और पानी घुसने से हुए दर्दनाक हादसे के बाद शुक्रवार, 14 अगस्त को भी राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। हादसा विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टेल रेस टनल में हुआ, जहां अचानक भूस्खलन के बाद भारी मात्रा में पानी और मलबा अंदर आ गया।

हादसे के वक्त टनल के अंदर करीब 22 मजदूर मौजूद बताए गए। अचानक पानी और मलबा आने से मजदूरों को संभलने और बाहर निकलने का पर्याप्त मौका नहीं मिला। प्रशासन, SDRF, NDRF, ITBP और अन्य राहत एजेंसियों ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

7 मजदूरों की मौत, कई घायल

14 अगस्त की सुबह तक सामने आई जानकारी के अनुसार हादसे में कम से कम 7 मजदूरों की मौत हो चुकी है। कई मजदूर घायल हुए हैं और उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। वहीं टनल में फंसे/लापता मजदूरों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार चल रहा है। अलग-अलग रिपोर्टों में मृतकों और लापता मजदूरों की संख्या में अंतर सामने आया है, क्योंकि अभियान के दौरान आंकड़े लगातार अपडेट किए जा रहे हैं।

रेस्क्यू टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती टनल के अंदर भरा पानी, गाद और भारी मलबा है। बचावकर्मी लगातार मलबा हटाकर अंदर तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि किसी भी संभावित जीवित मजदूर को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

सीएम धामी ने संभाली रेस्क्यू की कमान

घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को तत्काल युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री देर रात राज्य आपदा परिचालन केंद्र पहुंचे और वहां से पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की लगातार निगरानी की। उन्होंने बचाए गए मजदूरों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और सरकार की ओर से उपचार एवं पुनर्वास में हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

मुख्यमंत्री ने चमोली जिला प्रशासन के साथ NDRF, SDRF, ITBP, सेना और अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखा है। प्रशासन का पूरा फोकस टनल में फंसे सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है।

444 मेगावाट की परियोजना का हिस्सा है टनल

जिस सुरंग में यह हादसा हुआ, वह विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना का हिस्सा है। अलकनंदा नदी पर विकसित की जा रही इस परियोजना की प्रस्तावित क्षमता 444 मेगावाट है। टनल निर्माण का काम हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC) से जुड़ा बताया गया है।

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रेस्क्यू ऑपरेशन अभी जारी

पीपलकोटी टनल हादसे के बाद शुक्रवार सुबह भी बचाव अभियान में तेजी लाई गई है। राहत दल पानी और मलबे को हटाकर टनल के अंदर पहुंच बनाने में जुटे हैं। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। लापता मजदूरों के संबंध में अंतिम स्थिति रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल प्राथमिकता टनल में फंसे मजदूरों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की है।

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