4 जून को मतगणना होने वाली है । इसी बीच जिला मुख्यालय पौड़ी में मतगणना प्रशिक्षण लेने पहुंचे कार्मिकों के उस वक़्त उड़ हौश गए । जब पता चला की जिला निर्वाचन अधिकारी ने 16 शिक्षकों को मतगणना सुपरवाइजर के पद से मुक्त कर दिया है।

बता दें, पौड़ी मे मतगणना से ठीक 24 घंटे पहले राठ महाविद्यालय पैठाणी के सेवारत 16 शिक्षकों को मतगणना ड्यूटी से हटा दिया गया है । जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम आशीष चौहान के आदेश पर इन कार्मिकों को प्रशिक्षण नहीं लेने दिया गया । कार्मिक पर आरोप है कि ये कांग्रेस प्रत्याशी गणेश गोदियाल द्वारा स्थापित राठ महाविद्यालय पैठाणी में कार्यरत हैं।

18वीं लोकसभा चुनाव के लिए जिला निर्वाचन विभाग ने राठ महाविद्यालय पैठाणी के 16 शिक्षकों को मतगणना सुपरवाइजर व 11 कर्मचारियों को मतगणना सहायक के पद पर मतगणना ड्यूटी पर तैनात किया है । उन्होंने बीते 30 मई को मतगणना के पहले प्रशिक्षण में प्रतिभाग लिया था । वहीं जब वह दूसरे व अंतिम प्रशिक्षण में प्रतिभाग लेने के लिए मुख्यालय पौड़ी पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि मतगणना सुपरवाइजर के रुप में तैनात शिक्षकों को ड्यूटी से हटा दिया गया है।

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पौड़ी में भाजपा के मुख्य चुनाव अभिकर्ता जगत किशोर बड़थ्वाल ने जिला निर्वाचन अधिकारी पौड़ी डॉ. आशीष चौहान को शिकायती पत्र सौंपकर कहा कि राठ महाविद्यालय पैठाणी की स्थापना गढ़वाल संसदीय सीट से कांग्रेस प्रत्याशी गणेश गोदियाल ने की है । महाविद्यालय पैठाणी के शिक्षकों व कर्मचारियों की जवाबदेही कांग्रेस प्रत्याशी गोदियाल के पक्ष में हो सकती है । तभी जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम डॉ. आशीष चौहान ने कार्रवाई करते हुए सभी संबंधित 16 शिक्षकों को मतगणना सुपरवाइजर के पद से मुक्त कर दिया है। साथ ही मतगणना के आरक्षित कार्मिकों को ड्यूटी पर लगाने का आदेश जारी किया।

कांग्रेस प्रत्याशी गणेश गोदियाल ने कहा की राठ महाविद्यालय पैठाणी के 16 शिक्षकों को अचानक मतगणना ड्यूटी से हटाए जाने का मामला संज्ञान में आया है । जिला निर्वाचन विभाग की कार्रवाई चिंताजनक है । चुनाव ड्यूटी पर सेवारत कार्मिक की निजी निष्ठा किसी के भी प्रति हो लेकिन उनको इतना ज्ञान होता है कि चुनाव के दौरान चुनाव आयोग, कानून व संविधान के प्रति पहले निष्ठा होती है । इस तरह तो भाजपा नेताओ के रिश्तेदार भी होंगे, मैं भी कहूं कि उन्हें हटाओ, लेकिन मुझे ऐसा नहीं कहना है, मुझे यकीन है कि वह पद पर रहकर भी वही करेंगे, जो कानून व संविधान के तहत होगा।

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