सोमेश्वर में पहले आग ने अपना कहर बरपाया, तो अब बारिश आफत बनकर बरसी है। सोमेश्वर क्षेत्र में बुधवार की देरशाम बादल फटने से आफत आ गई। भारी बारिश से कई मकानों में मलबा घुस गया। अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों को जोड़ने वाला अल्मोड़ा-कौसानी हाईवे बंद हो गया।
उत्तराखंड में पहले जंगलों में आग अपना तांडव दिखा रही थी, तो वही अब कई जिलों में बारिश से होने वाली तबाही ने दस्तक दे दी है। हालांकि बारिश से जंगलों की आग कम हुई है। लेकिन बारिश आसमान आफत बनकर बरसी है। अलग-अलग जिलों में भारी बारिश के कारण सड़कों से लेकर घर तक मलबे से भर गए हैं।
अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर में पहले आग ने अपना विकराल रूप दिखाया तो अब बारिश ने डराने का काम किया है। सोमेश्वर क्षेत्र में बुधवार की देरशाम बादल फटने से भारी बारिश हुई। जिस कारण कई मकानों में मलबा घुस गया। अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों को जोड़ने वाला अल्मोड़ा-कौसानी हाईवे बंद हो गया। बारिश का पानी मलबे के साथ घरों के आगे नाले के रूप में बहने लगा। इस कारण लोग घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ पड़े। प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया।

हाईवे बंद, वाहनों की आवाजाही ठप
इस घटना से अल्मोड़ा-कौसानी हाईवे बंद हो गया और वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। कई वाहन फंसे रहे। हालांकि प्रशासन ने सड़क खोलने के लिए जेसीबी मौके पर भेजी, लेकिन देर रात तक भी आवाजाही शुरू नहीं हो सकी थी।
बारिश न होने से क्षेत्र में बहने वाली साईं और कोसी नदी सूखने के कगार पर पहुंच चुकी थीं। लेकिन बुधवार को हुई भारी बारिश के कारण दोनों नदियां अचानक उफान पर आ गईं। पहली ही बारिश में दोनों नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया।

भारी बारिश से सोमेश्वर के चनौदा और अघूरिया में कुछ घरों में मलबा घुस गया। अल्मोड़ा-कौसानी हाईवे भी मलबा आने से बंद हो गया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। अन्य नुकसान का आकलन होगा। सुरक्षा के सभी इंतजाम होंगे।
